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क्या पारसमल लोढ़ा काले धन के खिलाफ जंग में मोदी सरकार की हिम्मत और नीयत की परीक्षा भी है?

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सुनी-सुनाई है कि पारसमल लोढ़ा के पास ऐसे राज हैं जिससे कई बड़े नेता, वकील, अफसर, बिल्डर बेपर्दा हो सकते हैं

क्या पारसमल लोढ़ा काले धन के खिलाफ जंग में मोदी सरकार की हिम्मत और नीयत की परीक्षा भी है?

दिल्ली से कोलकाता और चेन्नई से चंडीगढ़ तक एक कहावत है – पारसमल लोढ़ा ऐसा पारस पत्थर है, जिसके छूने भर से काला धन सफेद हो जाता है. पारसमल लोढ़ा का एक और नाम है – एक्स्ट्रा फ्लोर लोढ़ा. कहा जाता है कि कोलकाता में किसी भी इमारत की अगर ऊंचाई बढ़ानी है, उसमें एक्स्ट्रा फ्लोर जोड़ने हैं तो पारसमल यह काम चुटकियों में करवा सकता है. अब वही पारस पत्थर हवालात में है.

सुनी-सुनाई है कि पारसमल लोढ़ा के पास ऐसे राज़ हैं जिससे कई बड़े लोग बेपर्दा हो सकते हैं. मोदी सरकार की जांच एजेंसी के पास अब वह आदमी है जिसके पास बहुत सारे बड़े लोगों के भ्रष्टाचार की कुंजी है. ऐसे बड़े लोग जिनके बारे में मीडिया ज्यादा लिख नहीं सकता, पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने से डरती है, नेता बोलने से बचते हैं. अब मोदी सरकार की परीक्षा है कि वह इन फाइलों को बंद करेगी या फिर देश को इनमें छिपा सच बताएगी. जिस डिजिटल डायरी की बात मीडिया कर रही है वह बस एक अंश भर है, असली डायरी तो सरकार के पास है.

दिल्ली के एक वकील रोहित टंडन के साथ मिलकर कोलकाता का यह कारोबारी देश भर के ताकतवर लोगों का काला धन सफेद करता था. ये दोनों भी अकेले नहीं थे. सुनी-सुनाई है कि नेता से लेकर वकील, अफसर, बिल्डर सबका एक गिरोह काम करता था. दिल्ली वाले वकील साहब करोड़ों रुपया लोढ़ा के पास पहुंचाते थे और फिर देश भर में बेनामी जायदाद खरीदी जाती थीं. इस खेल में ये लोग बेहद एक्सपर्ट माने जाते थे.

मोदी सरकार की जांच एजेंसी इस गिरोह की सबसे पहली कड़ी को सुलझाने में कामयाब हुई है लेकिन, इस कड़ी के आखिरी सिरे तक पहुंचना बेहद मुश्किल काम है.

निजी तौर पर यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिम्मत और नीयत की परीक्षा होगी कि वे सच में इस एक केस के जरिए पूरे देश के बड़े लोगों का भ्रष्टाचार हमारे सामने लाते हैं या फिर इस मामले का भी वही हश्र होगा जो अब तक ऐसे मामलों का होता रहा है. रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह तो शुरुआत है और इस जंग में पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता. देखना दिलचस्प होगा कि वे इस राह पर कितना आगे जाते हैं.

इस एक केस के बारे में जो खबरें और जो नाम मीडिया में अब तक आए हैं बताया जाता है कि वे असलियत का सौंवा हिस्सा भी नहीं है. और अगर सच में इस केस के ज्यादातर किरदार जेल चले जाएं तो नोटबंदी का पूरा अभियान सफल हो सकता है. देश की सियासत से लेकर, देश की अफसरशाही और इंसाफ के मंदिर तक शुद्ध हो सकते हैं. लेकिन क्या सच में प्रधानमंत्री ऐसा कर सकेंगे?

चुनाव से पहले प्रधानमंत्री के पास एक मौका है. वे साबित कर सकते हैं कि वे न खाते हैं, न खाने देते हैं. लेकिन चुनाव से पहले ही एक जोखिम भी है. अगर इस फाइल से सरकार और भाजपा के लोग भी पकड़े गए तो प्रधानमंत्री क्या जवाब देंगे. प्रधानमंत्री ने वाराणसी में कहा था – जब सफाई होगी तो दुर्गंध तो फैलेगी ही. क्या वे और उऩकी पार्टी भी उस दुर्गंध को झेलने के लिए तैयार हैं!

Courtesy: Satyagraha.in

पाकिस्तान ने 220 भारतीय मछुआरों को रिहा किया

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A Pakistani policeman performs a head count before releasing jailed Indian fishermen from a Pakistani prison; Photo Courtesy: Dawn, Representational Image

कराची, 25 दिसम्बर :भाषा: पाकिस्तान ने आज 220 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। हाल के समय में सीमा पार आतंकवादी घटनाओं के मद्देनजर संबंधों में आए तनाव के बीच यह एक सद्भावना की पहल है।

जेल अधीक्षक हसन सेहतो ने पीटीआई को बताया कि यहां मालिर जेल से रिहा किए गए 220 मछुआरों को अवैध रूप से पाकिस्तानी जल सीमा में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

मछुआरे लाहौर जाने वाली रेलगाड़ी में सवार हुए जहां से उन्हें वाघा सीमा पर भारतीय अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।

सेहतो ने कहा, ‘‘गृह मंत्रालय ने 220 मछुआरों को रिहा कर दिया जबकि 219 अब भी हमारी हिरासत में हैं।’’ उरी में सितम्बर में भारतीय सेना पर पाकिस्तान आतंकवादियों के हमले के बाद दोनों देशों के संबंध में आए तनाव के बीच सद्भावना की यह पहल सामने आई है।
 

 

‘दंगल’ हरियाणा में कर मुक्त, दंगल को छत्तीसगढ़ में मनोरंजन कर से मिली छूट

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पीटीआई-भाषा संवाददाता
रोहतक, 25 दिसंबर :भाषा: हरियाणा सरकार ने आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ को राज्य में कर मुक्त कर दिया है।

राज्य में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम और कुश्ती के प्रोत्साहन को ध्यान में रखते हुये इस फिल्म को कर में छूट दी गयी है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रोहतक के करीब गरही सांपला में एक जनसभा को संबोधित करते हुये फिल्म को कर मुक्त किये जाने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हरियाणवी फिल्म को प्रोत्साहित करने के लिए भी काम कर रही है और इसके संबंध में राज्य के सिनेमा ऑपरेटरों की एक बैठक भी की गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हरियाणवी एवं अन्य फिल्मों के प्रोत्साहन के लिए जल्द ही फिल्म नीति पेश करेगी।

उल्लेखनीय है कि फिल्म दंगल पहलवान महावीर सिंह फोगाट के जीवन पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है। उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही इस फिल्म को कर छूट दे चुकी है।
रायपुर, 25 दिसंबर :भाषा: छत्तीसगढ़ सरकार ने आमिर खान की फिल्म दंगल को राज्य में मनोरंजन कर से छूट देने का फैसला किया है।

आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री रमन सिंह ने हिन्दी फीचर फिल्म दंगल को राज्य में मनोरंजन शुल्क से छह महीने के लिए छूट देने की घोषणा की है। उनके निर्देश पर वाणिज्यिक-कर (आबकारी) विभाग ने यहां मंत्रालय से अधिसूचना जारी कर दी है।

आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अधिसूचना के अनुसार इस फीचर फिल्म को राज्य के सिनेमा घरों में प्रदर्शन पर छ}ाीसगढ़ मनोरंजन शुल्क तथा विज्ञापन-कर अधिनियम 1936 के प्रावधानों के तहत छह महीने के लिए छूट दी गई है।