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चाइनीस फ़ोन यूज़ करने पर भक्तों ने साइना को देशद्रोही बनाया, कहा खेलना बंद करो, पहले देशभक्ति साबित करो!

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नई दिल्ली। जिस बैडमिंटन खिलाडी साइना नेहवाल ने भारत के लिए कई मेडल जीतकर देश को गोरान्वित किया आज वही साइना नेहवाल देशद्रोह के कटघरे में खड़ी हो गई। साइना पर देशद्रोही का आरोप किसी और ने नही बल्कि उनके प्रशंसको ने ही लगाए है।

saina nehwal
 
दरअसल देश में इस समय चाइना के बने उत्पादों का बहिष्कार करने की कवायद चल रही है इसी बीच साइना नेहवाल ने चाइना के फ़ोन के साथ फोटो सोशल मीडिया पर डाल दी जिसके बाद से ही वह लोगो के निशाने पर आ गई। 
 
आपको बता दें कि साइना ने फेसबुक पर अपने नये फ़ोन के साथ एक फोटो डाली। उस फोटो में उन्होंने लिखा था। 'मेरा नया Honor 8 फोन, यह फोन और इसका कलर मुझे काफी अच्छा लगता है। साइना द्वारा Honor 8 की तारीफ लोगों को रास नहीं आई।
 
नेहवाल को कुछ लोग सोशल मीडिया पर ‘देशद्रोही’ करार दे रहे हैं। साइना ने लिखा था, ‘मेरा नया Honor 8 फोन, यह फोन और इसका कलर मुझे काफी अच्छा लगता है।’ 
एक ने लिखा, ‘साइना तुम चीन के प्रोडक्ट को क्यों बढ़ावा दे रही हो। इन चाइना के प्रोडक्ट को यहां से बाहर करो।’ 
 
दूसरे ने लिखा, ‘चीन के फोन को इस्तेमाल करना बंद कर दो, हम तुमसे जबतक नफरत करते रहेंगे जबतक तुम दूसरा भारतीय फोन नहीं खरीद लेतीं, मोदीजी को सपोर्ट करो।’
 
तीसरे ने लिखा, ‘मैंने यह फोन इसलिए नहीं लिया क्योंकि यह चीन का है। इस फोन का इस्तेमाल करना बंद कर दो।’ 
 
चौथे ने लिखा, ‘इस फोन को प्रमोट करने के लिए कितने पैसे लिए? मिस साइना जी। लोगों को लगने लगा है कि तुम पैसों के लिए भारत की धरती पर पाकिस्तान का झंडा भी फहरा दोगी।’ 
 
अगले ने लिखा, ‘तुम भारतीय हो या नहीं… तुम चीन के प्रोडक्ट को क्यों प्रमोट कर रही हो?’
 
गौरतलब है कि चीन का विरोध दिवाली के पहले से शुरू हुआ था। चीन के समान का विरोध करने की एक नहीं कई प्रमुख वजह थीं। जिसमें न्यूक्लीयर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत की एंट्री का समर्थन ना करना, मसूद अजहर को आतंकी मानने पर चीन की मनाही शामिल है। इसके अलावा पाकिस्तान के लिए चीन के मन में जो ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ है वह भी चीन के प्रति गुस्से का कारण है।
 
हालांकि इसके बाद भी देश का चीन से बिज़नेस काफी बड़ा है। ज्यादातर मोबाइल कंपनियां चीन की हैं जिनका भारत की मॉर्केट में काफी व्यापार होता है। अभी कुछ दिन पहले खबर आई थी कि जिस ई-वॉलेट पेटीएम के द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को कैशलेश बनाने की बात की जा रही है उसका संबध चीन की बड़ी कंपनी अलीबाबा से है। इसके अलावा भी देश में ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक मॉर्केट में चीन के ही सामान दिखाई देते हैं।

Courtesy: National Dastak

Cash Shortage, Business Slump Hits Eastern UP

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सोनभद्र में बैंकों में कैश खत्म होने पर उपभोक्ताओं ने किया हंगामा

demonetisation
Image: PTI

सोनभद्र/दुद्धी। हिन्दुस्तान टीम
First Published:13-12-2016 09:26:35 PMLast
 
जिले के बैंकों में कैश की कमी अब भी बरकरार है। मंगलवार को तीन दिन बाद बैंक खुलने पर कैश समाप्त होने की जानकारी मिलते ही कहीं उपभोक्ताओं ने नारेबाजी की तो कहीं बैंककर्मियों के साथ नोकझोंक भी हुई।
 
दुद्धी स्थित भारतीय स्टेट बैंक में मंगलवार की दोपहर लगभग साढे़ तीन बजे कैश खत्म हो जाने पर लाइन में खड़े लोग उग्र हो गए। लोगों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बैंक प्रबंधन ने इसकी जानकारी दुद्धी कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। कुछ देर बाद कैश आ जाने पर लोगों में रुपये बांटे गए। वहीं राबर्ट्सगंज नगर स्थित यूनियन बैंक में मंगलवार की दोपहर लगभग दो बजे कैश खत्म हो जाने पर उपभोक्ता हंगामा करने लगे। वहीं मौजूद अन्य लोगों ने मामले को शांत कराया।
 

आजमगढ़ : नोटबंदी से आटोमोबाइल बाजार को लगा झटका

नोटबंदी का असर छोटे-बड़े सभी बाजारों पर पड़ा है। कैश न होने से ग्राहकों ने खरीदारी से हाथ खींच लिया है। नोटबंदी का तगड़ा झटका आटो मोबाइल बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। एक माह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी खासकर बाइक की बिक्री पर 30 से 50 फीसदी तक असर पड़ा है। इतना ही नहीं रोजाना 10 लाख तक की बिक जाने वाली बाइक तीन से पांच लाख तक सिमट गई हैं।
 
शहर में प्रमुख रूप से हीरो, होंडा, बजाज,टीवीएस,यामहा,सुजुकी,यो बाइक कंपनियों की लगभग एक दर्जन शोरूम हैं। आटोमोबाइल बाजार में नोटबंदी के बाद से बाइकों की बिक्री की चाल गड़बड़ा गई है। शादियों की सीजन होने के बाद भी बाइक की ब्रिकी आधे से भी कम हो गई है। आनलाइन पेमेंट व चेक के माध्यम से गाड़ियों की खरीदारी हो रही है। कारोबारियों की मानें तो नोटबंदी से केवल टू व्हीलर के कारोबार पर अधिक असर पड़ा है। फोर व्हीलर की गाड़ियां पहले से ही चेक और बैंकिंग के जरिए बिकती थीं और आज भी बिक रहीं हैं। बाइक लेने के लिए कैश देना पड़ता है।

नोटबंदी के पूर्व रोजाना हीरो की 20 बाइक बिक जाती थी। अब घट कर 10 तक पहुंच गई है। बजाज की बाइक विक्री 12 से घट कर तीन तक पहुंच गई है। जबकि होंडा की बाइक भी 10 से घट कर पांच तक पहुंच गई है। इस तरह से सामान्य दिनों में रोजाना पांच से 10 लाख तक का कारोबार हो जाता था। अब एक दिन में तीन से पांच लाख तक ही गाड़ियां बिक पा रही हैं। शोरू रूम संचालकों का मानना है कि आने वाले समय में शादी का सीजन समाप्त होने के बाद आटो मोबाइल बाजार में और अधिक मंदी देखने को मिल सकती है।

आजमगढ़ जिले के सभी एटीएम रहे बंद, पैसों के लिए हाय तौबा

शहर से लेकर ग्रामीणांचल में सोमवार को एक भी एटीएम का संचालन नहीं हुआ। जिसके चलते कैश को लेकर दिनभर लोगों में हाय तौबा मची रही। गांव के लोग पैसों के लिए शहर की ओर रुख किये लेकिन पैसे नसीब नहीं हो सके।
 
शनिवार से सोमवार तक तीन दिनों तक बैंक में अवकाश था। लोगों को कैश मिलने का एक मात्र आसरा एटीएम मशीन थी, लेकिन कैश की कमी के चलते सोमवार को शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के एक भी एटीएम का संचालन नहीं हुआ। जिसके चलते सुबह से ही लोग इस एटीएम से उस एटीम को भटकते रहे। सरकारी बैंक के एटीएम तो शनिवार से ही खाली पड़े थे तो वहीं प्राइवेट बैंकों ने शनिवार व रविवार को अपने इक्का-दुक्का एटीएम मशीन का थोड़ा बहुत कैश डाल कर संचालन कराया। सोमवार को प्राइवेट बैंक के भी सभी एटीएम मशीन के शटर गिरे रहे। आम जनता कैश को लेकर काफी परेशान रही। लोग जरूरत के सामानों की खरीद के लिए ऐसे दुकान खोजने में जुटे रहे जहां ऑनलाइन पेमेंट करने की व्यवस्था हो। कैश को लेकर सोमवार को आम जनता में काफी परेशानी देखने को मिली।
 

एसबीआई मुख्य शाखा का कैशियर निलंबित

नोटबंदी के बाद कमीशनखोरी के आरोप में एसबीआई मुख्य शाखा के वरिष्ठ कैशियर को निलंबित कर दिया गया है। इस सूचना को गुप्त रखने के लिए बैंक प्रबंधन ने पहले कैशियर का तबादला किया फिर निलंबन के आदेश दिए गए।
 
पिछले सप्ताह कर्मचारी का तबादला हुआ था। कैशियर को बैंक की आंतरिक निगरानी टीम ने पकड़ा।
 
बैंक के सूत्रों की मानें तो कैशियर पर पहले भी हेरा-फेरी का आरोप लग चुका है और इसके लिए उसे दंडित भी किया जा चुका है। बैंक मुख्यालय से इस मामले में कैशियर की अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों से मिलीभगत की जांच भी की जा रही है।
 
नोटबंदी के बाद से बैंककर्मियों द्वारा कुछ खाताधारकों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आई थीं। इसके लिए बनारस के बैंकों की एक संयुक्त टीम भी बनाई गई थी। नोटबंदी के बाद से बैंकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं। नोटों को एक्सचेंज करने और एक आईडी की कई फोटोकॉपी कराकर इसका बेजा इस्तेमाल करने के आरोप भी लगे हैं।

नोटबंदी पर पूर्व गवर्नर विमल जालान ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली। 8 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा कि थी 500 और 1000 के पुराने नोट अब नहीं चलेंगे। इसके साथ ही पुरानी करेंसी 31 दिसंबर तक बैंक में जमा करने को कहा गया था।

Vimal Jalan
 
मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर विमल जालान ने टाइमिंग और उसके लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। विमल जालान अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान 1997 से 2003 के बीच गवर्नर रहे। 
 
मंगलवार को विमल ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि नोटबंदी के लिए सरकार के पास अच्छा कारण होना चाहिए था। विमल ने कहा,‘जब आप किसी भी लीगल टेंडर को बंद करते हैं तो उसके पीछे कोई सही कारण होना चाहिए। जैसे युद्ध या फिर सुरक्षा का खतरा। लोगों के बीच यह संदेश जाना जरूरी है कि नोटबंदी से क्या मिलेगा और उसे क्यों किया जा रहा है। सरकार को लोगों को यह जरूर बताना चाहिए कि यह इस वक्त पर ही क्यों किया जा रहा है।’
 
साथ ही जालान ने नोटबंदी के प्लान को सीक्रेट रखने पर भी सवाल खङे किए। उन्होंने कहा, ‘प्लान को सीक्रेट रखने का कोई मतलब नहीं था। उनके मुताबिक आपातकाल की स्थिती में ऐसा किया जा सकता था। लेकिन अभी इसे सर्जिकल स्ट्राइक की तरह छिपाकर करने की जरूरत ही नहीं थी। साफ होना चाहिए था कि एक हफ्ते, दो हफ्ते या तीन हफ्ते में ऐसा किया जाएगा।’जालान ने यह भी कहा कि वह मानते हैं कि कालेधन को देश की वित्तीय प्रणाली में शामिल करना चाहिए। लेकिन उन्होंने कहा सबके पास ही काला धन नहीं है। जालान के मुताबिक, नोटबंदी के प्लान को इस तरीके से बनाया जाना चाहिए था जिससे कालाधन ना रखने वाले कम से कम प्रभावित हों।

Courtesy: National Dastak