Home Blog Page 2248

खैरलांजी के पीड़ित दलित परिवार को इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे भैयालाल का निधन

0

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में खैरलांजी के दलित परिवार के एकमात्र पीड़ित भैयालाल भोटमांगे का आज (शुक्रवार) निधन हो गया। भैयालाल अपने परिवार को न्याय के लिए लड़ रहे थे। 2006 में 29 सितंबर को खैरलांजी गांव में रहने वाले दलित भैयालाल भोटमांगे के पूरे परिवार की नृशंष हत्या कर दी गई थी। 

गांव में राजनीतिक रसूख रखने वाले कुंबी मराठा समुदाय के लोगों ने भोटमांगे की पत्नी सुरेखा, बेटी प्रियंका, बेटे सुधीर और रौशन की हत्या कर दी थी। हत्या किए जाने से पहले भोटमांगे की पत्नी और बेटियों को भीड़ ने पुलिस के सामने नंगा कर पीटा और फिर पूरे परिवार की हत्या कर दी। नागपुर में इस घटना का विरोध कर रहे दलितों की बड़ी रैली के हिंसक होने के बाद ही मीडिया का ध्यान इस तरफ गया।
 

महाराष्ट्र दलित चेतना की भूमि रहा है। महाराष्ट्र में दलित और उनसे जुड़ा आंदोलन देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले ज्यादा जागरूक रहा है लेकिन इसके बावजूद भोटमांगे घटना के एक दशक बाद भी अपनी न्याय की लड़ाई जारी रखे हुए थे। आखिरी समय तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया।  
 
 

भड़काऊ सोम और साक्षी पर कार्रवाई हुई तो ईमानदार IAS बी.चंद्रकला से नाराज हुई बीजेपी

0

अपनी तेज़ तर्रार छवि से सुर्खियां बटोरने वाली मेरठ की जिलाधिकारी बी.चंद्रकला के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है।

बीजेपी ने उनके ऊपर भाजपा के कार्यक्रमों को प्रभावित करने और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में काम करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि चंद्रकला सपा के कार्यक्रमों को तवज्जो दे रही हैं, जो सीधे तौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। बीजेपी की मांग है कि चंद्रकला का फौरन ट्रांसफर किया जाए।

 

बता दें कि बीते दिनों मेरठ के सरधना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी संगीत सोम के खिलाफ चंद्रकला ने प्रचार वाहन में भड़काऊ भाषणों का वीडियो चलाए जाने के आरोप में कार्रवाई की थी। जिसके बाद से चंद्रकला बीजेपी कार्यकर्ताओं के निशाने पर हैं।

मेरठ के भाजपा जिलाध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में लिखा कि जिलाधिकारी मेरठ चुनाव आचार संहिता का गलत हवाला देकर भाजपा के कार्यक्रमों को अनुमति नहीं दे रही हैं और कार्यकर्ताओं को भी प्रभावित कर रही हैं। इसलिए जिलाधिकारी बी. चन्द्रकला का ट्रांसफर अति आवश्यक है।

Courtesy: boltahindustan.com
 

Belgium to arrest former Israeli FM for “war crimes”

0

A Belgian court has ordered the arrest of the former Minister of Foreign Affairs of Israel, Tzipi Livni, when she steps off the plane on her arrival in the Belgian capital Brussels on 23 January, official EU sources revealed on Thursday.

Tzipi israel
Image of former Minister of Foreign Affairs of Israel, Tzipi Livni [file photo]

On 23 June 2010, a group of victims filed a complaint in Belgium to the Federal Prosecutor against certain Israeli civilian and military officials at the time, including Tzipi Livni, for war crimes and crimes against humanity committed in the Gaza Strip, according to Palestinian News Network(PNN).

The Federal Prosecutor’s Office confirmed that Livni would be intercepted by the Federal Judicial Police during her stay in Belgium to be heard and questioned following the complaint lodged against her and that it would ensure the necessary follow-up to this case.

Livni was the Israeli Minister of Foreign Affairs at the time of the Israeli military operation  “Cast Lead” in the Gaza Strip, which took place from 27 December 2008 to 18 January 2009. She is scheduled to arrive in Brussels on 23 January to participate in a conference in the European Parliament.

Courtesy: middleeastmonitor.com
 

5 राज्यों में चुनाव से पहले आऱएसएस ने की आरक्षण खत्म करने की वकालत

0

जयपुर। आरक्षण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आंख की किरकिरी बना हुआ है। आए दिन संघ का कोई न कोई सदस्य इसे खत्म करने के लिए बयान देता रहा है। हालांकि संघ की राजनैतिक इकाई भाजपा भी आरक्षण की पक्षधर बिल्कुल नहीं रही। यूपी समेत 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आरएसएस की तरफ से आरक्षण पर बड़ा बयान आया है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने आरक्षण खत्म किए जाने की वकालत की है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में वैद्य ने कहा कि आरक्षण को खत्म करना चाहिए और इसकी जगह ऐसी व्यवस्था लाने की जरूरत है जिसमें सबको समान अवसर और शिक्षा मिले।

mohanlal
 
 
मनमोहन वैद्य ने कहा कि अगर लंबे समय तक आरक्षण जारी रहा तो यह अलगाववाद की तरफ ले जाएगा। उन्होंने कहा, 'किसी भी राष्ट्र में हमेशा के लिए ऐसे आरक्षण की व्यवस्था का होना अच्छी बात नहीं है। सबको समान अवसर और शिक्षा मिले।…यह अलगाववाद बढ़ाने वाली बात होगी।' हालांकि यह भी जगजाहिर है कि संविधान में प्रावधान होने के बावजूद भी अभी सभी जगह आरक्षणधारकों की उपस्थिति मुकम्मल नहीं हो पाई है। किसी न किसी रूप में दलित, आदिवासी और पिछड़ों को इससे वंचित करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। 
 
 
वैद्य ने हिंदुत्व में विविधता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व विविधता की बात करता है और एक आदर्श हिंदू राष्ट्र में भारत की धार्मिक विविधता स्वीकार होगी। वैद्य ने संविधान में 'सेक्युलर' शब्द के जिक्र पर सवाल उठाया।  
 
 
आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी आरक्षण के खिलाफ बयान दिया था, जिसकी कीमत भाजपा को हार के रूप में चुकानी पड़ी। बिहार में बीजेपी की हार के लिए संघ प्रमुख के आरक्षण पर दिए बयान को भी जिम्मेदार माना जाता है। 

Courtesy: National Dastak
 

जल्लीकट्टू के मुद्दे पर भाजपा नेता ने सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश की तो तमिल वासियो से कुछ ऐसा करारा जवाब मिला

0

जल्‍लीकट्टू को बैन किए जाने के विरोध में शुक्रवार चेन्नई में सुबह से लेकर शाम तक 12 घंटों का बंद है। स्कूल कालेजों से लेकर बाज़ार कारोबार और निजी दफ्तर आज जल्‍लीकट्टू के समर्थन में बंद है।

जिन लोगों ने जल्लीकट्टू के प्रतिबंध का विरोध किया है उनमें फिल्मी हस्तियां और दलगत राजनेता हैं। शुक्रवार को ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने प्रतिबंध के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए एक दिन का उपवास रखा।
 

communalise Jallikattu stir
Photo: from Twitter (@VeeraTamizhan2 )
 

हलचल भरा आंदोलन जो कि शांतिपूर्ण रहा है। लेकिन तमिलनाडु के एक वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी ने कथित तौर पर इसमे धार्मिक संप्रदाय फैलाने की कोशिश की है।

एच राजा, जिनकी ट्विटर बायो में लिखा हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव है अपने कड़े ट्वीट में धार्मिक संप्रदाय को फैलाते हुए एक छात्र की कथित मौत के लिए  मुसलमानों को दोषी ठहराया।

उन्होंने लिखा है, “छात्र विग्नेश वासुदेवन पर बेरहमी से मुसलमानों द्वारा हमला किया गया था जल्लीकट्टू आंदोलन में भाग लेने वाले मुसलमानों ने राष्ट्रीय ध्वज पकड़ने पर हमला किया। मैं इसकी निंदा करता हूं। ”

जैसी कि उम्मीद थी उनके ट्वीट से खूब प्रतिक्रिया आई। लेकिन वो अपने मकसद में नाकामयाब हो गए जब तमिल वासियों ने भाजपा नेता की सांप्रदायिकता फैलाने वाले ट्वीट की कड़ी निंदा की।

भुवनेश नाम के ट्वीटर यूर्जर ने लिखा हमारे मुस्लिम दोस्त हमारे साथ आंदोलन कर रहें हैं इस तरह की झूठी खबरे पोस्ट मत करों लोग तुम्हारे खिलाफ जा रहें हैं। आप भी पढ़िए कुछ ट्विटर रिएक्शन-








भाजपा ने तमिलनाडु में चुनावी लाभ निकालने के लिए कथित तौर पर सांप्रदायिक घृणा फैलाने की कोशिश की है जहां पार्टी को अपनी पार्टी के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा है।

पिछले साल जून में,कुछ भाजपा समर्थकों ने गलत तरीके से चेन्नई तकनीकी विशेषज्ञ स्वाति की नृशंस हत्या के लिए एक मुस्लिम को दोष देने वाला सोशल मीडिया पर उन्माद फैलाया था। उन लोगों में से बेहद खतरनाक नकली प्रचार के आधार पर ट्वीट को पोस्ट किया था जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व बॉलीवुड गायक अभिजीत द्वारा फॉलो था।

Courtesy: Janta Ka Reporter