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BJP MLA का बड़ा खुलासा: PM मोदी ने अंबानी-अडानी को दे दी थी नोटबंदी की जानकारी

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कोटा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोटों को रात 12 बजे से बंद करने की घोषणा की थी। बड़े नोटों के बंद होने से आम जनता को नकद पैसे की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में बैंकों और एटीएम के सामने लोगों की लंबी कतारे देखी जा रही हैं। आम लोगों पैसे पाने के लिए को कई घंटों तक लाइन में लगना पड़ रहा है। जिसके बाद विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर है। 

Bhavani Singh BJP MLA

विपक्ष के बाद अब बीजेपी के नेता भी मोदी सरकार पर हमलावर हो गए हैं। बयानों से चर्चा में रहने वाले राजस्थान के कोटा जिले के बीजेपी विधायक भवानी सिंह राजावत ने नोटबंदी पर अपनी ही पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बुधवार को भवानी सिंह राजावत का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वायरल हुए वीडियो में राजावत मोदी सरकार के नोटबंदी पर सवाल उठा रहे हैं। राजावत कह रहे हैं, "अंबानी-अडानी को नोटबंदी के बारे में पहले से ही पता था। इनको हिंट दे दी गई थी और इसके बाद उन्होंने अपना काम कर लिया।"
 
भवानी सिंह राजावत ने कथित तौर पर कहा है कि अंबानी और अडानी को 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने के बारे में पहले से पता था। बुधवार को इंटरनेट पर रिलीज किए गए इस वीडियो में बीजेपी विधायक कथित तौर पर ऐसा कहते दिख रहे हैं। 
 
यही नहीं नए नोटों की क्वालिटी के बारे में अपनी राय रखते हुए वीडियो में राजावत कह रहे हैं, "नए नोट की क्वालिटी थर्ड क्लास है, छूते ही लगता है कि नकली है। देश की आबादी के अनुपात में करंसी प्रिंट कराते, उसके बाद में कुछ करते। एक साथ पेट्रोल पंप की कीमतों की तरह कह दिया कि आज रात 12 बजे से 500-1000 के नोट बंद कर दिए जाएंगे। इसको ठहरकर कर सकते थे, एक महीने बाद हो जाएगा, 15 दिन बाद हो जाएगा, पहले यह होगा, फिर यह होगा।" 
 
आपको बता दें यह वीडियो 33 सकेंड का है जिसमें विधायक बोलते नजर आ रहे हैं कि नए नोट की क्वालिटी थर्ड क्लास की है, लेते ही लगता है नोट नकली है। इसके बाद राजावत ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। वीडियो में कांट-छांट की गई है। यह सब एक षड्यंत्र के तहत किया गया है।

Courtesy: National Dastak

सबसे निचले स्तर पर पहुंचा नौकरियां पैदा करने का आंकड़ा, हालात देश में पैदा कर सकते हैं त्रासदी

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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को आगाह किया कि नौकरियों के अवसर पैदा करने के विपरीत हालात देश में त्रासदी पैदा कर सकते हैं।

Pranab Mukherjee

शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा कि नौकरियां पैदा करने के आंकड़े पिछले सात वर्षों में सबसे निचले स्तर पर हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा करना प्राथमिकता है।

संस्थानों में छात्रों के विरोध की घटनाओं का हवाला देते हुए राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को उच्च स्तर की पढ़ाई करने के लिए सद्भावपूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल की जरूरत है।

उन्होंने संबंधित सरकारी विभागों से कहा कि वे इन शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं की मदद करें। मुखर्जी ने कहा कि देश के संस्थानों को प्रतिभाओं के सहायक के तौर पर काम करना चाहिए।

 

उन्होंने कहा, ‘भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। नौजवानों की सर्वाधिक आबादी होने से हमारे पास निम्न निर्भरता अनुपात का फायदा उठाने की पूरी गुंजाइश है। अगर देश में पर्याप्त नौकरियां होंगी जो संतुष्टि, दोहन और संपूर्णता होगी। इसके विपरीत का माहौल देश में त्रासदी ला सकता है।’

भाषा की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा, ‘युवाओं की नाराजगी और परेशानी अशांति और उथल-पुथल के रूप में सामने आती है। ऐसे हालात हमारे यहां पैदा नहीं होने दीजिए।

हमें बड़ी आबादी को अपनी ताकत में तब्दील करना होगा। इसके लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जाने को प्राथकिमता है। साल 2015 में नौकरियां पैदा होने का आंकड़ा 1.5 लाख था जो पिछले सात वर्षों में सबसे कम है।’ उन्होंने कहा कि मशीनों के तेजी से चलन में आने के साथ हमें व्यापक बदलाव की ओर से ध्यान देना होगा।

Courtesy: Janta Ka Reporter