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कोर्ट पहुंचा मोदी जी के मॉडलिंग करियर का मामला

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मुंबई। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद मोदी अखबारों में रिलायंस जियो को लेकर सुर्ख़ियों में थे। जिसे लेकर लोगों ने अपनी-अलग अलग प्रतिक्रियाएं दीं थी।

JIO Modi
 
ताजा मामले के अनुसार रिलायन्स जियो के विज्ञापनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो के इस्तेमाल का विवाद अदालत में पहुंच गया है। मुंबई में एक व्यक्ति ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि निजी कंपनी के सिम को प्रमोट करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों का इस्तेमाल गलत है।
 
याचिका में कहा गया है कि प्रधनमंत्री को बिना बताये अगर उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल हुआ है तो ये हैरान करने वाली बात है। 
 
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है की प्रधानमंत्री को अगर डिजिटल इंडिया एजेंडा को प्रमोट करना है तो उसके लिए बीएसएनएल और एमटीएनएल जैसी सरकारी टेलीकॉम कंपनियों को प्रमोट करना चाहिए ना कि रिलायंस को ।

याचिकाकर्ता ने मामले में केंद्र सरकार, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रिलायंस जिओ इंफोकॉम लिमिटेड और मुकेश अंबानी सहित तक़रीबन 25 लोगों को पार्टी बनाया है।

Courtesy: National Dastak

जब अंधे राष्ट्रवादियों ने पणजी के सिनेमाघर में एक विकलांग को पीट डाला

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लेखक और विकलांग कार्यकर्ता सलिल चतुर्वेदी विनम्र व्यक्तियों में से एक हैं वो बच्चों के पसंदीदा टेलीविजन कार्यक्रम ‘गली गली सिम सिम’ के मूल कलाकारों का हिस्सा था। उन्होने विशेष रूप से अंधे व्यक्तियों के लिए पहली कोंकणी ऑडियोबुक बनाई थी। लेकिन नए भारत के इस बदलते माहौल में उन्हे कुछ देशभक्त लोगों द्वारा मुश्किल का सामना करना पड़ा।

दरअसल सलिल चतुर्वेदी रजनीकांत की फिल्म कबाली देखने के लिए पणजी के मल्टीप्लेक्स में गए थे। फिल्म शुरू होने से पहले जैसे ही राष्ट्रगान बजा एक देशभक्त जोड़ा खड़ा हो गया और जन-गन-मन गाने लगा लेकिन सलिल अपनी विकलागंता की वजह से खड़े नही हो पाए, इस बात पर उस जोड़े ने सलिल के साथ बदसलूकी की और मारपीट की।

टाईम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, पणजी के मल्टीप्लेक्स हॉल में ये शांतिपूर्ण कवि जब रजनीकांत की फिल्म देखने के लिए गए वहां उन्हे राष्ट्रगान बजने के दौरान खड़े ना होने पर बुरे हमले का सामना करना पड़ा फिल्म के दौरान राष्ट्रगान बजने पर दो पति-पत्नी खड़े हो गए लेकिन रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण और विकलांगता की वजह से सलिल उनके साथ खड़े नहीं हो सके इस बात बात पर उस व्यक्ति ने सलिल को धक्का देकर मारपीट की और उसकी पत्नी चिल्लाई ये आदमी उठ क्यों नहीं सकता।”

 

vs-salil

चतुर्वेदी एक रिटायर्ड सेन्य अधिकारी के बेटे है, लेकिन वह किसी भी तरह के हिंसा का जवाब देने वाले व्यक्तियों में से नहीं है। हालांकि शारीरिक रूप से चोट के कारण भी उस अकारण हमले से उन्होने खामोशी से पूछा  –  “क्यों तुम लोग आराम  से नहीं बैठते हो?  आप किसी की कहानी नही जानते हो। आपको कभी पता नहीं चलेगा”। लेकिन वो पति-पत्नि फिर से सलिल पर चिल्लाए लेकिन फिर पुलिस केस के डर वो बाहर आ गए।

इस हादसे के बाद सलिल कभी फिल्में देखने बाहर नहीं गए उन्होने कहा ‘मैं नहीं जा सकता हूं, मुझे डर है कि फिर से मुझपर हमला होगा और मेरी रीढ़ की हड्डी में चोट और आएगी। मुझे समझ में नहीं आता कि देशभक्ति को व्यक्त करने के लिए इतने सारे लोग एक गैर-आक्रामक तरीका कैसे अपना सकते हैं।

मेंने सोच लिया है कि अगर मुझे खड़ा होने के लिए मजबूर किया गया तो में खड़ा नहीं हूंगा। मेरे पिता एक वायु सेना के एक अनुभवी व्यक्ति है। मैंने ऑस्ट्रेलियाई ओपन में व्हीलचेयर टेनिस में देश का प्रतिनिधित्व किया है। मेरे जीवन को देखो! कौन होते हो आप लोग ये न्याय करने वाले कि मुझे भारत से कितना प्यार है?

Courtesy: Janta ka Reporter