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पीएम मोदी की डिग्री के बाद सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलू को स्मृति ईरानी की डिग्री पर अपील की सुनवाई से भी हटाया

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सूचना आयुक्त एम.श्रीधर आचार्युलु से पीएम मोदी की डिग्री के निरीक्षण का आदेश की वजह से HRD का चार्ज छीन लिया गया था। अब केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी अपील पर सुनवाई करने से रोक दिया गया है।

सीआईसी के सूत्रों के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, गुरुवार को आचार्युलू के कार्यालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से संबंधित सभी मामलों में नोट तैयार किया था, जिसे शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध किया गया लेकिन बाद में इसे सूचना आयुक्त मंजुला पाराशर को सौंप दिया गया और अब इसकी सुनवाई वहीं करेगी।

पीएम मोदी की डिग्री के निरीक्षण का आदेश के बाद आचार्युलु को मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जुड़ी हुई अपनी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया था।

 

आपको बता दे कि केंद्रीय सूचना आयोग (सीवीसी) ने सीबीएसई  से कहा था कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के 10वीं और 12वीं  कक्षा के रिकॉर्ड की जांच की इजाजत दी जाए। जबकि इससे पूर्व केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय को वर्ष 1978 में बीए डिग्री पास करने वाले सभी विद्यार्थियों के रिकॉर्ड की पड़ताल करने का निर्देश दिया था। ज्ञात हो कि पीएम मोदी ने भी 1978 में ही बीए की परीक्षा पास की थी।

आदेश सार्वजनिक किए जाने के करीब दो दिन बाद ही मुख्य सूचना आयुक्त आर के माथुर ने उनसे एचआरडी मंत्रालय का चार्ज छीन लिया गया था। इसी कड़ी में अब सूचना आयुक्त एम.श्रीधर आचार्युलु को स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी अपील पर सुनवाई करने से रोक दिया गया है।

Courtesy: Janta Ka Reporter
 

हाईकोर्ट ने माना- जाट आंदोलन के दौरान मुरथल में कई महिलाओं के साथ हुआ था गैंगरेप

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चंडीगढ़। जाट आंदोलन के दौरान मुरथल में हुए गैंग रेप को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सही ठहराया है। कोर्ट ने माना है मुरथल में कई महिलाओँ के साथ गैंग रेप किया गया। कोर्ट ने सरकार और एसआईटी को फटकार लगाते हुए कहा कि वह 28 फरवरी तक पीड़ित आरोपी और गवाहों की पहचान करे। हरियाणा सरकार इससे मुंह नहीं मोड़ सकती। 

Punjab High Court

गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एस एस सरन और जस्टिस दर्शन सिंह की बेंच ने कहा कि मुरथल में बलात्कार हुआ था और इस मामले में दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने चश्मदीद गवाह बॉबी जोशी और राजकुमार के बयानों को दोहराते हुए कहा कि महिलाओं को खींचकर खेतों में ले जाया गया। कोर्ट ने कहा कि महिलाओं के मिले अंडर गारमेंट्स की जांच से पता चलता है कि रेप हुआ था। जाट आंदोलन के दौरान मुरथल में हुई रेप की घटनाओं को सच मानते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस के विशेष जांच दल से घटना की छानबीन कर दोषियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए हैं।
 
आपको बता दें कि फरवरी 2016 में जाट आंदोलन के दौरान सोनीपत में नैशनल हाईवे-1 पर 10 महिलाओं को वाहनों से जबरन उतार लिया गया था। उन महिलाओं को खेतों में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। सोनीपत में हुए इस शर्मनाक कृत्य को न्यायाधीश जस्टिस सांघी ने स्वतः संज्ञान में लिया था।

Courtesy: National Dastak