दिलीप-मंडल | SabrangIndia https://sabrangindia.in/content-author/दिलीप-मंडल-11048/ News Related to Human Rights Fri, 02 Sep 2016 10:43:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.2.2 https://sabrangindia.in/wp-content/uploads/2023/06/Favicon_0.png दिलीप-मंडल | SabrangIndia https://sabrangindia.in/content-author/दिलीप-मंडल-11048/ 32 32 बाबा साहेब, मुझे बचाओ! https://sabrangindia.in/baabaa-saahaeba-maujhae-bacaao/ Fri, 02 Sep 2016 10:43:55 +0000 http://localhost/sabrangv4/2016/09/02/baabaa-saahaeba-maujhae-bacaao/ बाबा साहेब, मुझे बचाओ! संदीप कुमार पर संकट आया तो बाबा साहेब याद आ गए. दलित पहचान का हवाला देने लगे. मैंने कई नेताओं और अफसरों को, फंस जाने पर, इस तरह रोते गाते देखा है. संदीप महाराज, दो साल जब आप मंत्री थे, तब बाबा साहेब के एजेंडे पर क्या कर रहे थे? दलितों […]

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बाबा साहेब, मुझे बचाओ!

संदीप कुमार पर संकट आया तो बाबा साहेब याद आ गए. दलित पहचान का हवाला देने लगे. मैंने कई नेताओं और अफसरों को, फंस जाने पर, इस तरह रोते गाते देखा है.

संदीप महाराज, दो साल जब आप मंत्री थे, तब बाबा साहेब के एजेंडे पर क्या कर रहे थे?

दलितों के सशक्तिकरण के लिए दिल्ली की आम आदमी पार्टी की आपकी सरकार ने कौन सा एक कदम उठाया? समाज कल्याण मंत्री के पद पर रहते हुए आपने बाबा साहेब के विचार के मुताबिक क्या किया?

वह तो छोड़िए, अपनी वाल्मीकि जाति के लिए आपने क्या किया? सफाई कर्मचारियों को पर्मानेंट करने का आपकी पार्टी का चुनावी वादा था. क्या एक भी सफाई कर्मचारी को आप पर्मानेंट करा पाए? क्या आपने कैबिनेट की बैठक में यह मांग उठाई?

अगर आप अपने समाज के साथ खड़े होते, तो संकट के समय में आप इस तरह अकेले न होते.

आपका संकट है, आप निपटिए….बाबा साहेब का नाम लेने से आपको कोई फायदा नहीं होगा. बाबा साहेब की कृपा से आप एमएलए और मंत्री बन गए. और उन्हें ही भूल गए? अब भुगतिए.

और आपने कोई महान काम तो किया नहीं है. आपका पर्सनल मैटर है.

जो नेता या अफसर पे बैक टू सोसायटी नहीं करता, उसके प्रति मेरी कोई सिंपैथी नहीं है.

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दलितों और मुसलमानों की एकता से आरएसएस डरता क्यों है? https://sabrangindia.in/dalaitaon-aura-mausalamaanaon-kai-ekataa-sae-araesaesa-darataa-kayaon-haai/ Thu, 01 Sep 2016 13:34:26 +0000 http://localhost/sabrangv4/2016/09/01/dalaitaon-aura-mausalamaanaon-kai-ekataa-sae-araesaesa-darataa-kayaon-haai/ दिल की बात जुबां पर आ जाना इसे ही कहते हैं. आरएसएस के प्रमुख नेता और बीजेपी के महासचिव मुरलीधर राव इस कार्यक्रम में आए तो थे दलितों के उत्थान के बारे में बात करने. सम्मेलन का विषय था इंटरप्रिन्योरशिप के जरिए दलितों का विकास. लेकिन मुरलीधर राव ने अपना पूरा भाषण वहां जमा दलितों […]

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दिल की बात जुबां पर आ जाना इसे ही कहते हैं. आरएसएस के प्रमुख नेता और बीजेपी के महासचिव मुरलीधर राव इस कार्यक्रम में आए तो थे दलितों के उत्थान के बारे में बात करने. सम्मेलन का विषय था इंटरप्रिन्योरशिप के जरिए दलितों का विकास. लेकिन मुरलीधर राव ने अपना पूरा भाषण वहां जमा दलितों को यह समझाने के लिए दिया कि दलितों को मुसलमानों से क्यों बचकर रहना चाहिए.

इसके लिए उन्होंने ये तर्क दिया कि मुसलमानों के साथ मिलकर रहोगे तो मिट जाओगे. इस संदर्भ में उन्होंने पाकिस्तान की मिसाल दी. उन्होंने कहा कि दलितों और मुसलमानों की एकता न कभी बनी थी, न कभी बनेगी. और बनेगी तो नुकसान दलितों का होगा.

यह अजीब बात है. एक संगठन जिसका दावा है कि वह राष्ट्रीय एकता के लिए काम करता है, को इस बात पर एतराज है कि दो समुदाय करीब क्यों आ रहे हैं. अगर ये दो समुदाय, जैसा कि मुरलीधर राव का कहना है, इतिहास में कभी दोस्त नहीं रहे, अब अगर नई दोस्ती करना चाहते हैं, तो किसी को जलन क्यों होनी चाहिए?

लेकिन यह जलन है और धुआं भरपूर उठ रहा है.
इस जलन की वजह है उत्तर प्रदेश का चुनाव.  

उत्तर प्रदेश में दलित यानी अनुसूचित जाति की आबादी 20.5 परसेंट है. राज्य में मुस्लिम आबादी 19.26 परसेंट है. दोनों को मिलाकर 40 परसेंट का आंकड़ा बनता है.
यूपी के पिछले लोकसभा चुनाव को देखें तो समाजवादी पार्टी को 29.13 परसेंट वोट मिले थे और 403 सदस्यों वाली विधानसभा में 224 सीटें लेकर उसने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी.

ऐसे में 40 परसेंट वोट के एकजुट होने का मतलब आप समझ सकते हैं, अगर यह हुआ तो बीजेपी के लिए 20 एमएलए जिताना भी भारी पड़ेगा. अगर बीजेपी यूपी में इतनी बुरी तरह पिटती है, तो अमित शाह के लिए नौकरी बचाना मुश्किल हो जाएगा. केंद्र की सरकार के लिए भी इसके गहरे मायने होंगे.

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत की एक बड़ी वजह मुसलमान मतों का विभाजन भी था. यह बात बीजेपी समझ रही है. 

आप समझे या न समझें. आरएसएस के मुरलीधर राव तो भलीभांति समझ रहे हैं. आरएसएस ने मुरलीधर राव पर यूपी का काफी जिम्मा सौंप रखा है. वे समझदार आदमी हैं. वे सब समझ रहे हैं. इसलिए वे दलितों और मुसलमानों में मतभेद पैदा करना चाहते हैं. इसी लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कहते हैं कि बीजेपी का मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी से है.  
 
(Dilip Mandal is Consultant Editor with SabrangIndia)

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