नोटबंदीः एक हत्यारी योजना – 66 दर्दभरी दास्तान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बेहद नाटकीय तरीके से की गई नोटबंदी योजना की घोषणा ना केवल लोगों में भूख और बेकारी का कारण बन रही है बल्कि दिन प्रतिदिन इस योजना के कारण जान गंवाने वाले लोगों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर अब इसे ‘‘एक हत्यारी योजना‘‘ ही कहना ठीक होगा। अभी तक मीड़िया में 70 से अधिक मौतों के दावे किये जा रहे हैं और 60 अथवा उससे अधिक लोगों की मौत की जानकारी विभिन्न समाचारपत्रों में प्रकाशित हो चुकी हैं। इतनी मौतों के बावजूद भी संवेदनहीन मोदी सरकार और उसके मंत्री योजना की कामयाबी और कालेधन पर लगाम लगाने के हवाई दावे करने और मरने वालो को लेकर असंवेदनहीन और बेतुके बयान देने से बाज नही आ रहे हैं।

Elder Man died in queue
लंबी लाइन में खड़े रिटायर्ड कर्मी की हार्ट अटैक से मौत

हर नये दिन के साथ बैंकों में लगी कतारे जहां कम नही हो रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ मरने वालों की संख्या में इजाफा भी कर रही हैं। इन होने वाली मौतों का एक दर्दनाक पहलू यह भी है कि मरने वाले में अधिकतर बुजुर्ग और महिलाएं] बच्चे अथवा बीमार शामिल हैं। मीड़िया में 70 के लगभग मौतों के दावे किये जा रहे हैं लेकिन यह खबरे केवल कस्बों और शहरों तक की हैं जहां तक मीड़िया की पहुंच है देश के दूर दराज के ग्रामीण और आदिवासी इलाके जहां होने वाली मौतों की खबर मीड़िया तक नही पहुंच पाती है यदि उसे भी इसमें शामिल किया जाए तो नोटबंदी के कारण होने वाली मौतों का आंकड़ा 100 से भी अधिक होने की संभावना जतायी जा रही है।

नोटबंदी से हुई मौतों की ऐसी ही खबरे जो मीड़िया के विभिन्न माध्यमों से सामने आयी हैं उनकी एक सूची यहां प्रकाशित कर रहे हैंः

1. मुम्बई के एक अस्पताल ने नवजात शिशु को दाखिल करने से इंकार कर दिया क्योंकि उसके माता पिता के पास अस्पताल को देने के लिए नये नोट नही थे। नवजात की इलाज के अभाव में मौत हो गयी।

2. विजाग में एक 18 माह के बच्चे की मृत्यु हो गयी क्योंकि उसके अभिभावकों के पास दवाई खरीदने के लिए पैसे नही थे। अस्पताल ने 500 और 1000 के पुराने नोट लेने से इंकार कर दिया था।

3. तेज बुखार से पीड़ित एक साल के कुश का मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) के डाक्टरों ने इसलिए इलाज करने से इंकार कर दिया कि उसके माता पिता के पास 100 रूपये के नोट खत्म हो गये थे। उसके माता पिता उसे घर ले आये जहां उसकी मृत्यु हो गयी।

4. राजस्थान के पाली जिले में चंपालाल मेघवाल के नवजात को इलाज के लिए दूसरे शहर लेकर जाना था परंतु अस्पताल से दूसरे शहर ले जाने के लिए एंबुलेंस किराये के लिए नये नोट नही थे। जब तक मेघवाल 100 रूपये के नोट का इंतजाम करता उसके बच्चे का देहांत हो चुका था।

5. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक कपड़ेधोने वाली महिला जब अपने दो 1000 के नोट लेकर बैंक पंहुची तो उसे मालूम चला कि पुराने नोट अब बंद हो चुके हैं। इस सदमे को उक्त महिला सहन नही कर सकी और इस सदमे से उसकी मौत हो गयी।

6. तेलंगाना के महबूबाद जिले की कंडुकुरी विनोद को जब ज्ञात हुआ कि उसके जमा किये हुए 54 लाख रूपये नोटबंदी से बेकार हो चुके हैं तो उसने आत्महत्या कर ली। यह पैसे विनोद ने मेहनत मजदूरी और अपने पति के इलाज के लिए अपनी जमीन बेचकर जमा किये थे। उसका इरादा अपने पति का इलाज कराना, बेटी की शादी करना और जमीन का छोटा सा टुकड़ा खरीदने का था।

7. पश्चिमी बंगाल के हावडा में नोटबंदी से तनाव का शिकार हो गये एक व्यक्ति ने इसलिए अपनी पत्नी मधु तिवारी की हत्या कर दी कि वो एटीएम से बिना पैसे लिए खाली हाथ आयी थी। उसका मानना था कि उसे लंबे समय तक कतार में लगका इंतजार करना चाहिए था।

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8. बिहार के कैमूर जिले में एक 45 वर्षीय अधेड़ की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गयी। उसे लगता था कि उसकी बेटी के ससुराल वाले दहेज में पुराने नोट स्वीकार नही करेंगे। उसने 35 हजार रूपये अपनी बेटी के दहेज के लिए जोड़े थे।

9. पहले दिन जमा किये गये 5 लाख रूपये बैंक में जमा नही होने पर थलस्सेरी, केरल का एक 45 वर्षीय व्यक्ति दूसरे दिन फिर से बैंक में पैसा जमा कराने गया। वहां धक्का मुक्की और भीड़ के कारण दूसरी मंजिल से उसका पैर फिसल गया और नीचे गिरकर उसकी मृत्यु हो गयी। स्थानीय मीड़िया रिपोर्ट के अनुसार राज्य के बिजली बोर्ड के उक्त कर्मचारी ने यह पैसे हाल ही में कर्ज के रूप में प्राप्त किये थे और इन पैसों को बदलने को लेकर परेशान चल रहा था।

10. पुराने नोट जमा कराने के लिए मुम्बई के एक बैंक की कतार में खड़े 72 वर्षीय विश्वास वर्तक की हार्ट अटैक से मौत हो गयी।

11. गुजरात के तारापुर में बैंक की कतार में खड़े एक 47 वर्षीय किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गयी। उक्त किसान खेत मजदूर को देने के लिए पुराने नोट बदलना चाहता था।

12. केरल के अलप्पुझा में 75 वर्षीय कार्तिकेयन की बैंक की कतार में खड़े हुए हार्ट अटैक से मृत्यु हो गयी। वह घण्टों से कतार में खड़े थे।

13. बैंक की लंबी कतार में खड़े हुए कनार्टक के उडुपी में एक 96 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गयी। वह सुबह से कतार में खड़े थे और बैंक खुलने से पहले ही यह हादसा हो गया।

14. बीएसएनएल के सेवानिवृत कर्मचारी 69 वर्षीय विनय कुमार पांडे की मध्य प्रदेश के सागर में बैंक की कतार में इंतजार करते हुए मृत्यु हो गयी। वह नोट बदलने बैंक गये थे।

15. भोपाल में स्टेट बैंक कैशियर की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गयी। बैंककर्मी लंबी कतारों के कारण अतिरिक्त समय तक काम के बोझ से परेशान थे।

16. फैजाबाद के एक व्यवसायी की 8 नवंबर को रात 8 बजे प्रधानमंत्री मोदी की नोटबंदी की घोषणा सुनते हुए सीने में दर्द से हालत बिगडी। डाक्टर के आने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गयी। उनकी मृत्यु हार्ट अटैक से हुई।

17. गुजरात के सुरेन्द्र नगर के लिमडी कस्बे में 69 वर्षीय मनसुख मकवाना की बैंक की कतार में खड़े हुए हार्ट अटैक से मौत हो गयी। मनसुख मकवाना टेलर थे और नोट बदलवाने के लिए बैंक आॅफ इण्डिया की कतार में खड़े थे।

18. दिल्ली के खजूरी खास इलाके में 24 वर्षीय एक महिला ने आत्महत्या कर ली। उक्त महिला के भाई के अनुसार वह नोट नही बदले जाने और पैसे की तंगी से परेशान चल रही थी।

19. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के मुरादपुर गांव के 55 वर्षीय किसान देशराज सिंह ने नोटबंदी के कारण आत्महत्या कर ली। उनके परिवार वालों का कहना था कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए ढ़ाई बीघे जमीन गिरवी रखकर 60 हजार रूपये कर्ज लिया था और नोटबंदी के कारण उसके बेकार हो जाने की स्थिति में तनावग्रस्त किसान ने आत्महत्या कर ली।

20. बुलंदशहर के ही अनुपशहर में 17 वर्षीय छात्र सुमित चैधरी ने पैसे नही बदले जाने के कारण फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी। सुमित चैधरी के पिता सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत हैं और अभी वे पश्चिमी बंगाल में नियुक्त हैं। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सुमित चैधरी कार्तिक मेला देखने जाना चाहता था परंतु छोटे नोट नही मिलने के कारण नही जा पाया और आत्महत्या कर ली।

21. सेंट्रल दिल्ली के हमदर्द नगर के 48 वर्षीय सोदर रहमान की बैंक कतार में खड़े हुए हार्ट अटैक से मौत हो गयी। रहमान पिछले तीन दिनों से बैंक की कतार में नोट बदलने के लिए खड़े हो रहे थे। बैचेनी महसूस करने और चेहरा पीला पड़ेन पर उनका दोस्त उन्हें लेकर लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल लेकर पहुंचा जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

22. झारखण्ड़ के पलामू जिले के 70 वर्षीय रामचन्द्र पासवान नोट बदलवाने के लिए बैंक की लंबी कतार में खड़े थे जहां हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गयी। वह स्टेट बैंक आॅफ इण्ड़िया की शाखा से अपनी पेंशन लेने के लिए गये थे।

23. मुम्बई के भयंदर में 60 वर्षीय दीपक शाह की हार्ट अटैक से मौत हो गयी। वे पिछले तीन दिनों से पैसे लेने के लिए बैंक की लाइन में लग रहे थे।

24. राजस्थान के सीकर में 62 वर्षीय चाय विक्रेता जगदीश की हार्ट अटैक से मौत हो गयी। जगदीश बैंक में बेटियों की शादी के लिए जमा किये गए पैसे बदलने के लिए बैंक की लाईन में लगे थे। दोपहर में वो खाना खाने के लिए जब घर आये तो उसी समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा। जगदीश की दो बेटियों की शादी 3 दिसंबर को होनी तय थी। मोदी सरकार की नोटबंदी की योजना की नाटकीय घोषणा के बाद से ही चाय विक्रेता जगदीश परेशान चल रहे थे।

25. पश्चिमी बंगाल में सतकुरा के स्कूल में हैड मास्टर धरनी कांत भौमिक की हार्ट अटैक से मौत हो गयी। वे बैंक की कतार में खड़े थे जब उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। उन्होंने अपने प्रोविडेट फंड से बेटी की शादी के लिए 4 लाख रूपये निकाले थे। उन्हीं पुराने नोटों को बदलने की चिन्ता ने स्कूल के हैडमास्टर की जान ले ली।

26. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद और अलीगढ़ में बैंक से पैसे लेने की कतार में जान गंवा दी। अलीगढ़ के हमदर्द नगर में बैंक की कतार में खड़े हुए इदरीस (55) की हार्ट अटैक से मौत हो गयी। इदरीस पिछले दो दिनों से घण्टों बैंक की कतार में खड़े होकर पैसे बदलने का इंतजार कर रहे थे।

27. फिरोजाबाद के स्टेट बैंक आॅफ इण्ड़िया की कतार में खडे हुए 62 वर्षीय तमन्नम शाह की मौत भी हार्ट अटैक से हो गयी। वे बैंक में पैसा करने के लिए आये थे। शाह तीन दिनों से बैंक की कतार में लग रहे थे।

28. पश्चिमी बंगाल के राजबगन इलाके में शेख इस्लामुद्दीन नामक व्यक्ति की मौत हो गयी। 40 वर्षीय इस्लामुद्दीन पैसे लेने के लिए एटीएम की कतार में लगे थे उन्हें वहां से खाली हाथ वापस आना पड़ा। वापस आते हुए उन्हें बैचेनी और घबराहट हुई और अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

29. राजस्थान के झूंझनू में पूर्व रेलवे कर्मचारी की बैंक से पैसा निकालने के बाद मृत्यु हो गयी। 75 वर्षीय रतन राम पैसा निकालने के लिए बैंक की लाईन में लगे थे लंबे इंतजार के बाद जैसे ही उन्हें 2000 रूपये प्राप्त हुए बैंक से निकलते समय उन्हें उल्टी आई और उनकी हालत बिगडी तो उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा जहां उनकी मृत्यु हो गयी।

30. बैंक से पैसे निकालने के लिए लिए कतार में खड़ी 89 वर्षीय कौशल्या देवी की अपनी बारी का इंतजार करते हुए मौत हो गयी। घटना करनाल के चैरा बाजार की सेंट्रल बैंक आॅफ इण्ड़िया की शाखा पर घटी।

31. मालदा जिले के दिहाड़ी मजदूर 45 वर्षीय गोविन्द सरकार ने नोटबंदी के कारण काम नही मिलने और फिर बैंक से पैसा नही निकाले जाने के कारण फांसी से लटककर जान दे दी। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही गोविन्द को कहीं काम नही मिल रहा था और उसने अपने जमा किये हुए पैसों को बैंक से कुछ एजेंटों से बदलवाने की कोशिश की परंतु कामयाब नही हो सका और हताश होकर छत के पंखे से लटक कर जान दे दी।

32. प्रधानमंत्री मोदी की नोटबंदी की घोषणा सुनते हुए कानपुर के एक नौजवान की सदमा लगने से मौत हो गयी थी। उसने एक दिन पहले ही 70 लाख रूपये में अपनी जमीन बेची थी।

33. एक आठ वर्षीय बच्ची की मौत इलाज में देरी के कारण हो गयी। उसके पिता नोटबंदी की खबर के बाद अपनी बाइक में पेट्रोल डलवाने 1000 रू. के नोट लेकर पहंुचे जिसे लेने से पेट्रोल पंप वालों ने इंकार कर दिया।

34. रायगढ़ के एक किसान ने तीन दिनों तक नोट नही बदले जाने के कारण आत्महत्या कर ली।;फस्र्टपोस्टद्ध

35. कर्नाटक के चिकबल्लपुर की एक 40 वर्षीय महिला ने बैंक की कतार में खड़े हुए 15 हजार रूपये खो जाने के गम में आत्महत्या कर ली। यह रकम उसने अपने शराबी पति से बचाकर जोड़ी थी।

36. एक 50 वर्षीय मां ने पैसे नही बदले जाने के कारण अपने बच्चों को खाना नही दे पाने की स्थिति में आत्महत्या कर ली। (टाईम्स आॅफ इण्ड़िया)

37. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भाजपा के मंत्री महेश शर्मा के अस्पताल ने नये पैसे नही होने पर एक बच्चे को दाखिल करने से इंकार कर दिया। बच्चे के माता पिता के पैसे नही जमा करा पाने के कारण बच्चे की मौत हो गयी।

38. उत्तर प्रदेश के जलौन में एक सेवानिवृत स्कूल शिक्षक रघुनाथ वर्मा की बैंक की कतार में मौत हो गयी। शिक्षक के परिवार का कहना है कि नोटबंदी के कारण शिक्षक काफी तनाव में थे। ;हिंदुस्तान टाईम्सद्ध।

39. मेरठ में एक कारखाना वर्कर अजीज अंसारी की बैंक की कतार में मौत हो गयी। मजदूर बैंक में नोट बदलने के लिए गया था। वह लगातार तीन दिनों से नोट बदलने की कोशिश कर रहा था।

40. रबी सीजन में बीज और खाद की खरीद में नाकामयाब रहने पर मध्य प्रदेश के छत्तरपुर में एक किसान ने आत्महत्या कर ली। (हिंदुस्तान टाईम्स)

41. तेलंगाना के सिंदराबाद में एक 75 वर्षीय व्यक्ति ने लाइन में खड़े हुए जान गंवा दी। उक्त व्यक्ति पैसे जमा कराने के लिए बैंक की कतार में खड़ा था। (न्यूज 18)

42. उडीसा में एक दो वर्षीय बच्ची काी मौत हो गयी। बच्ची की हालत खराब थी और आॅटो चालक ने छोटे नोट नही होने के कारण उसे अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया था। समय पर इलाज नही होने से बच्ची की जान चली गई।

43. पंजाब में तरनतारन के सुखदेव सिंह की जान नोटबंदी के कारण चली गई। उनकी पत्नी ने बताया कि अगले दिन उनकी बेटी की शादी थी और यही उनके तनाव और हार्ट अटैक कारण था। पुराने नोट लेने के लिए कोई भी तैयार नही था।

44. बिहार के औरंगाबाद में सुरेन्द्र शर्मा नामक व्यक्ति की बैंक की कतार में हार्ट अटैक से मौत हो गयी।

45. उत्तर प्रदेश के शामली जिले की 20 वर्षीय शबाना ने आत्महत्या कर ली। शबाना का भाई नोट बदलवाने बैंक गया था परंतु नोट नही बदलवाने में विफल रहा और जब घर आकर देखा तो अपनी बहन को पंखे पर लटके पाया।

46. कानपुर में एक बुजुर्ग महिला मृत पायी गयी। पुलिस को उनके पास दो लाख से अधिक की नकदी प्राप्त हुई और ऐसा प्रतीत होता था कि उक्त महिला नकदी गिनते हुए ही सदमें से मर गई।

47. दिल्ली के 25 वर्षीय व्यवसायी वीरेन्द्र बसोया ने पंखे में लटक कर जान दे दी। उनकी पत्नी का कहना था कि पुराने नोट नही बदले जाने के कारण बसोया ने यह कदम उठाया।

48. आंध्र प्रदेश के चित्तौर में 70 वर्षीय रत्न पिल्लई ने बैंक की कतार में नोट बदलने के इंतजार में जान गंवा दी। वे लंबे समय से बैंक की कतार में थे।

49 हरियाणा के रोहतक जिले में 56 वर्षीय बैंक मैनेजर राजेश कुमार ने भारी भीड़ की समस्याओं का निदान करने के लिए तीन दिनों तक रात दिन काम करते हुए अपनी जान गंवा दी। बैंक के सुरक्षाकर्मी ने जब बैंक का दरवाजा खोला तो मैनजर को मृत पाया।

50. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में इश्तियाक नामक व्यक्ति ने बैंक की कतार में लगे लगे जान गंवा दी।

51. तेलंगाना के निजामाबाद के 35 वर्षीय आॅटो चालक शेख बशीर ने उनके फाइनेंसर के द्वारा पुराने नोट लेने से इंकार करने पर जान दे दी।

52. मेरठ के मजदूर मोहम्मद शहजाद की मृत्यु बैंक की कतार में खड़े हुए हो गयी। वे पिछले चार दिनों से नोट बदलने के लिए बैंक की कतार में थे।

53. पूर्व सैनिक बाबू लाल वाल्मिकी की मृत्यु बैंक के पास हो गयी। यह हादसा मध्य प्रदेश के भींड में हुआ बाबू लाल 12 हजार रूपये बदलने बैंक गये थे।

54. उत्तर प्रदेश के बलिया में सुरेश सुनार की मृत्यु हार्ट अटैक से हो गयी। सुरेश घण्टों बैंक की कतार में खड़े रहने के बाद भी नोट बदलने में विफल रहे थे। उन्हें अपनी बेटी के तिलक के लिए पैसों की जरूरत थी।

55. पुणे ग्रामीण में एक बैंक चपरासी तुकाराम तानपुरे की हार्ट अटैक से मौत हो गयी। बैंककर्मियों का मानना है कि काम की अधिकता और भारी भीड़ के दबाव के कारण उन्हें हार्ट अटैक हो गया।

56. महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में 60 वर्षीय दिगम्बर कासबे की मौत बैंक की कतार में हो गयी। वे घण्टों से बैंक की कतार में थे।

57. झारखण्ड़ के बोकारों में 20 वर्षीय लवकुश की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गयी। उनके पिता एक दिहाड़ी मजदूर थे और नोटबंदी की वजह से उनके बेरोजगार होने से लवकुश तनाव में था।

58. लवकुश की दादी लक्ष्मी ;70द्ध भी पोते की मौत की खबर सुनकरद सदमे से मर गई।

59. तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले के 45 वर्षीय बालैया ने पेस्टीसाइड खाकर जान दे दी। उन्होंने अपने खाने में जहर मिलाकर खा लिया था। कर्ज के कारण वो अपनी जमीन बेचना चाहते थे परंतु नोटबंदी के कारण जमीन के दाम 7 लाख से गिरकर 2 लाख
पर पहुंच गये थे।

60. बलैया की मौत की खबर सुनकर बलैया के 65 वर्षीय पिता गलैया की भी मौत हो गयी बलैया की पत्नी और बेटा भी अस्पताल में दाखिल हैं।

61. उत्तम नगर की ओरियंटल बैंक आॅफ काॅमर्स की शाखा के बाहर पुराने नोट जमा कराने के लिए कतार में खड़े एक व्यक्ति की अचानक चक्कर आने व ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई। वह सुबह 8 बजे से बैंक के सामने कतार में लगा था और लगभग साढ़े छह घंटे कतार में लगने के बाद अचानक वह गिर गया। वह 48 हजार रपए के पुराने नोट बैंक मे जमा कराने गया था। उत्तम नगर के दाल मिल रोड स्थित जी-1-587 निवासी 49 वर्षीय सतीश सोमवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे घर से 48 हजार रपए के पुराने नोट लेकर मेट्रो पिलर संख्या 657 स्थित ओरियंटल बैंक आॅफ काॅमर्स की उत्तम नगर शाखा में जमा कराने निकला था।

62. सहाकरी बैंक से पैसे नही निकाल पाने के डर से केरल के कोट्टायम के 73 वर्षीय ओमानकुट्टन पिल्लई ने अपने बेडरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पिल्लई ने नोटबंदी से पहले सहकारी बैंक में 5 लाख रूपये जमा किये थे।

63. कोल्लम के एक व्यक्ति की बैंक की कतार में हार्ट अटैक से मौत हो गयी।

64. उत्तर प्रदेश के बांदा के टिंडवारी थाना क्षेत्र में बच्ची के इलाज के लिए पिता के बैंक से धन नही निकाल पाने के कारण बच्ची की मौत हो गयी। बच्ची का पिता धर्मेन्द्र वर्मा पेशे से मजदूर था और एक सप्ताह से पैसा निकालने के लिए बैंक के चक्कर लगा रहा था। वर्मा अपनी बच्ची को लेकर ही बैंक में पैसे निकालने गया था। बच्ची ने बैंक परिसर में ही दम तोड़ दिया।

65. गुजरात के राजकोट में अपनी बेटी की शादी के लिए पैसे नही मिलने से परेशान 45 वर्षीय दलित त्रिभुवन सुमेसारा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

66. 500 और 1000 के नोट प्रचलन से बाहर होने के बाद जालसाजी का खेल भी होने लगा है। चैनी खैनी कंपनी के दो पदाधिकारियों ने बरेली के डिस्ट्रीब्यूटर शंशाक गुप्ता को बरेली सहित पीलीभीत और बदायूं में आपूर्ति देने का लालच देकर 20 लाख लिए थे। जब बड़े नोट अचानक प्रचलन से बाहर किये जाने की घोषणा हुईईतो फायदा उठाते हुए दोनों पदाधिकारियों ने शशांक के रुपयों में गड़बड़ी कर दी। कह दिया कि आपके रुपयों का अब कोईईमूल्य नहीं रहा। दोबारा रकम देनी होगी। 20 लाख हाथ से जाता देख शशांक अवसाद में चले गए। बुधवार दोपहर प्रेमनगर क्षेत्र स्थित बीडीए कालोनी स्थित किराये के मकान में फांसी लगा ली।

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